Martyrdom of Guru Teg Bahadur: Difference between revisions
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Sikhi-admin (talk | contribs) Created page with "<div style=" background-color:#FFFDF8; border:1px solid #e0d6b8; border-radius:10px; padding:25px; margin:15px auto; font-size:125%; line-height:1.9; font-family:'Raavi','AnmolUni','Noto Sans Gurmukhi','Saab','Tiro Gurmukhi',sans-serif; text-align:center; color:#111; box-shadow:0 2px 5px rgba(0,0,0,0.1); max-width:700px; "> तिलक जंञू राखा प्रभ ता का ॥ कीनो बडो कलू महि साका..." |
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दोहरा ॥ ठीकर फोरि दिलीस सिरि; प्रभ पुरि कीया पयान ॥ तेग बहादुर सी क्रिआ; करी न किनहूं आनि ॥१५॥ | दोहरा ॥ ठीकर फोरि दिलीस सिरि; प्रभ पुरि कीया पयान ॥ तेग बहादुर सी क्रिआ; करी न किनहूं आनि ॥१५॥ | ||
तेग बहादुर के चलत; भयो जगत को सोक ॥ है है है सभ जग भयो; जै जै जै सुर लोकि ॥१६॥ | तेग बहादुर के चलत; भयो जगत को सोक ॥ है है है सभ जग भयो; जै जै जै सुर लोकि ॥१६॥ | ||
गुरु गोबिंद सिंह जी | |||
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Revision as of 01:52, 25 November 2025
तिलक जंञू राखा प्रभ ता का ॥ कीनो बडो कलू महि साका ॥ साधन हेति, इती जिनि करी ॥ सीसु दीया, परु सी न उचरी ॥१३॥ धरम हेत साका जिनि कीआ ॥ सीसु दीआ; परु सिररु न दीआ ॥ नाटक चेटक कीए कुकाजा ॥ प्रभ लोगन कह आवत लाजा ॥१४॥
दोहरा ॥ ठीकर फोरि दिलीस सिरि; प्रभ पुरि कीया पयान ॥ तेग बहादुर सी क्रिआ; करी न किनहूं आनि ॥१५॥
तेग बहादुर के चलत; भयो जगत को सोक ॥ है है है सभ जग भयो; जै जै जै सुर लोकि ॥१६॥
गुरु गोबिंद सिंह जी